423+
परिवारों ने पूजा करवाई
2-3 घंटे
में संपूर्ण विधि
4.8★
औसत रेटिंग
₹2,100
से शुरू
पितृ दोष क्या है? (What is Pitru Dosh?)
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब कुंडली में सूर्य और राहु 9वें घर (धर्म/पिता का घर) में एक साथ बैठे हों, या नवम भाव का स्वामी राहु-केतु से पीड़ित हो, तो पितृ दोष (Pitru Dosh) बनता है। अगर आप अपनी कुंडली में काल सर्प दोष या पितृ दोष की जांच करना चाहते हैं, तो फ्री दोष कैलकुलेटर का उपयोग करें।
यह दोष इस बात का संकेत है कि यजमान के पूर्वज (Ancestors) किसी कारणवश असंतुष्ट हैं। हो सकता है कि उनकी अंतिम इच्छा अधूरी रह गई हो, या उनका श्राद्ध-तर्पण विधि-विधान से न किया गया हो। त्रिपिंडी श्राद्ध और पितृ दोष निवारण के लिए त्र्यंबकेश्वर (नासिक) को सबसे उत्तम तीर्थ माना गया है।

पितृ दोष के गंभीर लक्षण (Symptoms & Impact)
पितृ दोष होने पर परिवार में ये 5 समस्याएं बार-बार आती हैं:
- 1.आर्थिक अस्थिरता: घर में पैसा आता बहुत है, लेकिन टिकता नहीं (No Savings)। हमेशा कोई न कोई बड़ा खर्चा सामने आ जाता है।
- 2.संतान संबंधी कष्ट: बच्चों का पढ़ाई में मन न लगना, करियर में बार-बार फेल होना, या संतान प्राप्ति में बाधा आना।
- 3.पारिवारिक कलह: घर के सदस्यों के बीच हमेशा तनाव, छोटी-छोटी बातों पर बड़े झगड़े होना।
- 4.विवाह में रुकावट: घर में योग्य लड़के-लड़कियों की शादी तय होकर टूट जाना — बार-बार।
- 5.लंबी बीमारियाँ: घर में कोई न कोई सदस्य हमेशा बीमार रहता हो, दवाइयां काम न करें।
त्रिपिंडी श्राद्ध विधि (Process)
पितृ दोष निवारण के लिए त्र्यंबकेश्वर में त्रिपिंडी श्राद्ध किया जाता है। पिछले 3 पीढ़ियों के पूर्वजों (पिता, दादा, परदादा) का तर्पण होता है।
- ● भगवान ब्रह्मा, विष्णु और महेश की संयुक्त पूजा।
- ● पिंड दान (जौ, काले तिल और चावल से बने पिंड)।
- ● ब्राह्मणों को भोजन और वस्त्र का दान।
- ● पूजा में कुल 2-3 घंटे का समय।
शुभ मुहूर्त (Best Muhurat)
पितृ दोष शांति के लिए सबसे उत्तम समय पितृ पक्ष (Pitru Paksha / Shraddh) माना जाता है।
- ● हर माह की अमावस्या विशेष फलदायी है।
- ● पूर्वजों की पुण्यतिथि (Death Anniversary) पर।
- ● त्र्यंबकेश्वर में पूरे वर्ष किसी भी शुभ मुहूर्त में।
पितृ दोष पूजा की Total Cost
त्रिपिंडी श्राद्ध का खर्च इस बात पर निर्भर करता है कि पूजा में कितनी सामग्रियां इस्तेमाल हो रही हैं और कितने पंडित शामिल हैं।
सरल त्रिपिंडी श्राद्ध
उन लोगों के लिए जो केवल मुख्य त्रिपिंडी श्राद्ध की विधि करना चाहते हैं।
समय (Duration): 1-2 घंटे
पैकेज में शामिल (What's Included)
- गणपति पूजन और संकल्प
- मुख्य त्रिपिंडी श्राद्ध विधि
- विष्णु, ब्रह्मा और महेश का आवाहन
- 1-2 पंडितों द्वारा पूजा
संपूर्ण पितृ दोष शांति
सबसे ज्यादा बुक की जाने वाली संपूर्ण त्रिपिंडी श्राद्ध और तर्पण पूजा।
समय (Duration): 2-3 घंटे
पैकेज में शामिल (What's Included)
- सरल पैकेज की सभी पूजाएं
- विशेष पितृ तर्पण
- 3 पंडितों द्वारा मंत्रोच्चारण
- VIP पूजा व्यवस्था
महा त्रिपिंडी (VIP)
संपूर्ण परिवार के लिए महा पूजा, जिसमें ब्राह्मण भोज और दान शामिल है।
समय (Duration): 3-4 घंटे
पैकेज में शामिल (What's Included)
- संपूर्ण पैकेज की सभी पूजाएं
- विशेष पितृ सूक्त पाठ
- ब्राह्मण भोज (Prasad)
- वस्त्र और गोदान संकल्प
श्रद्धालुओं के अनुभव
423+ परिवार जिन्होंने त्रिपिंडी श्राद्ध के बाद जीवन में सकारात्मक बदलाव अनुभव किया।
“घर में पैसा आता था लेकिन कभी बचता नहीं था। त्रिपिंडी श्राद्ध के 6 माह बाद आर्थिक स्थिति सुधरने लगी। पंडित जी को दिल से धन्यवाद।”
— Priya Sharma, Pune
“हमारे घर में हर साल कोई न कोई गंभीर समस्या आ जाती थी। पंडित जी ने त्रिपिंडी श्राद्ध करवाई। अब परिवार में शांति है, बच्चों की पढ़ाई भी अच्छी हो रही है।”
— Mukesh Gupta, Jaipur
“बेटी की शादी कई बार तय होकर टूट जाती थी। पितृ दोष पूजा के बाद अगले ही महीने रिश्ता तय हुआ और शादी हो गई। पंडित जी का बहुत आभार!”
— Anita Verma, Lucknow
अभी बुक करें — सीमित मुहूर्त
पंडित जी से अभी बात करें और कुंडली दिखाएं — पता चलेगा पितृ दोष कितना गंभीर है और कौन सी पूजा सही रहेगी।
क्या आपके पूर्वज की अकाल मृत्यु हुई है? — नारायण नागबलि पूजा करवाएं
त्रिपिंडी श्राद्ध सामान्य पितृ दोष के लिए उत्तम है। किंतु यदि परिवार में किसी की अकाल मृत्यु हुई हो, अंतिम संस्कार ठीक से न हुआ हो, या संतान न हो रही हो तो नारायण नागबलि पूजा ज़्यादा प्रभावशाली रहेगी — यह 3-दिवसीय गहरा अनुष्ठान है।
दोनों पूजाएं पितरों की शांति के लिए हैं — पंडित जी आपकी कुंडली देखकर सही विकल्प सुझाएंगे।
नारायण नागबलि पूजा के बारे में पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
पितृ दोष पूजा की कुल लागत कितनी है?+
त्रिपिंडी श्राद्ध कितने घंटे की होती है?+
पितृ दोष और नारायण नागबलि में क्या फर्क है?+
क्या पूजा के लिए त्र्यंबकेश्वर रुकना पड़ता है?+
पितृ दोष की पूजा का सबसे अच्छा समय कौन सा है?+
423+
परिवारों ने पूजा करवाई
20+
वर्षों का अनुभव
4.8★
औसत रेटिंग
100%
वैदिक विधि