385+
परिवारों ने पूजा करवाई
20+
वर्षों का अनुभव
4.9★
औसत रेटिंग
100%
वैदिक विधि
नारायण नागबलि पूजा क्या है?
यह पूजा दो अलग-अलग अनुष्ठानों का संगम है —
- 🔱नारायण बलि: उन पूर्वजों की शांति के लिए जिनकी मृत्यु अप्राकृतिक थी (दुर्घटना, आत्महत्या, आग, आदि) या जिनके अंतिम संस्कार ठीक से नहीं हुए।
- 🐍नागबलि: अनजाने में सर्प हत्या के पाप से मुक्ति और वंश-वृद्धि (संतान) की प्राप्ति के लिए।
गरुड़ पुराण और स्कंद पुराण के अनुसार यह अनुष्ठान केवल त्र्यंबकेश्वर (नासिक) में ही संभव है। अगर आपकी कुंडली में काल सर्प दोष है, तो पहले फ्री दोष कैलकुलेटर से जांच करें।

क्या आपको यह पूजा करवानी चाहिए? (लक्षण)
नीचे दिए गए किसी भी 2 लक्षण से यदि आप परिचित हैं, तो तुरंत पंडित जी से परामर्श लें:
- 1.अप्राकृतिक मृत्यु: परिवार में किसी की अकाल/अप्राकृतिक मृत्यु हुई हो या अंतिम संस्कार में कोई कमी रह गई हो।
- 2.संतान में रुकावट: Medical reports normal होने के बावजूद संतान न हो, या बार-बार गर्भपात (Miscarriage) हो।
- 3.सपनों में पूर्वज या सांप: नींद में मृत पूर्वज दिखाई दें, या सांप दिखें — यह उनकी पुकार का संकेत है।
- 4.पारिवारिक कलह और बीमारी: घर में बिना कारण झगड़े, लंबी बीमारी, Business में लगातार नुकसान।
- 5.विवाह और करियर में बाधा: बार-बार रिश्ते टूटना, नौकरी-व्यापार में असफलता जो मेहनत के बावजूद न जाए।
3-दिवसीय पूजा विधि (The 3-Day Process)
पहला दिन
नारायण बलि
कुशावर्त कुंड पर पवित्र स्नान और संकल्प। 5 कलश स्थापित कर ब्रह्मा, विष्णु, महेश, यम और प्रेत की पूजा। आटे का पुतला बनाकर मृत पूर्वजों का श्राद्ध और पिंडदान।
दूसरा दिन
नागबलि पूजा
सोने/चांदी के नाग की स्थापना। नाग देवता का विशेष श्राद्ध और तर्पण — नाग हत्या का पाप धुलता है और वंश पर आशीर्वाद बरसता है।
तीसरा दिन
ब्राह्मण भोज और पूर्णाहुति
गणपति पूजन, पुण्याहवाचन, नवग्रह शांति। ब्राह्मणों को भोजन और वस्त्र-दान। पूजा की पूर्णाहुति और आशीर्वाद प्राप्ति।
नारायण नागबलि की Total Cost
यह 3 दिन का अनुष्ठान है। यजमान को 3 दिन तक त्र्यंबकेश्वर में रुकना होता है और नए कोरे वस्त्र पहनने होते हैं। पूजा की कुल लागत में सामग्री, पंडित जी की दक्षिणा और रहने-खाने की व्यवस्था शामिल होती है।
नारायण नागबलि पूजा
उन लोगों के लिए जो केवल पूजा और सामग्री चाहते हैं (रहना/खाना खुद का)।
समय (Duration): 3 दिन
पैकेज में शामिल (What's Included)
- 3 दिन की संपूर्ण पूजा सामग्री
- नारायण बलि और नागबलि विधि
- पंडित जी की दक्षिणा
- ताम्रपत्रधारी पंडित द्वारा अनुष्ठान
संपूर्ण पैकेज
पूजा के साथ त्र्यंबकेश्वर में 3 दिन के ठहरने और शुद्ध सात्विक भोजन की व्यवस्था।
समय (Duration): 3 दिन
पैकेज में शामिल (What's Included)
- व्यक्तिगत (Individual) पूजा
- 3 दिन का सामान्य स्टे (Stay)
- सात्विक भोजन की व्यवस्था
- संपूर्ण सामग्री और विधि
डिलक्स पैकेज (VIP)
संपूर्ण परिवार के लिए AC स्टे, भोजन और विशेष VIP दर्शन के साथ पूर्ण व्यवस्था।
समय (Duration): 3 दिन
पैकेज में शामिल (What's Included)
- विशेष VIP पूजा व्यवस्था
- 3 दिन प्रीमियम AC स्टे
- प्रीमियम सात्विक भोजन
- मंदिर में VIP दर्शन
श्रद्धालुओं के अनुभव
385+ परिवार जिन्होंने नारायण नागबलि पूजा के बाद जीवन में परिवर्तन अनुभव किया।
“10 साल से संतान नहीं हो रही थी। नारायण नागबलि के 8 महीने बाद भगवान की कृपा से पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई। पंडित जी को बहुत-बहुत धन्यवाद।”
— Rajesh Sharma, Mumbai
“घर में बार-बार अप्राकृतिक मृत्यु हो रही थी। पूजा के बाद परिवार में शांति आई। पंडित जी बहुत विद्वान हैं और पूरी विधि से पूजा करवाते हैं।”
— Sunita Devi, Delhi
“Business में बहुत नुकसान हो रहा था। पंडित जी ने कुंडली देखकर नारायण नागबलि की सलाह दी। पूजा के बाद हालात बदलने लगे। Highly recommended!”
— Vikram Patel, Ahmedabad
अभी बात करें — मुहूर्त सीमित हैं
पंडित जी से अभी बात करें। कुंडली देखकर तय होगा कि आपके लिए कौन सी पूजा सबसे जरूरी है।
क्या आपका पितृ दोष हल्का है? — पितृ दोष शांति पूजा भी उपलब्ध
नारायण नागबलि गंभीर पितृ दोष के लिए 3-दिवसीय गहरा अनुष्ठान है। यदि दोष हल्का हो और परिवार में अप्राकृतिक मृत्यु न हुई हो, तो त्रिपिंडी श्राद्ध (Pitru Dosh Shanti Puja) भी की जा सकती है — जो केवल 2-3 घंटे की होती है और ₹2,100 से शुरू होती है।
दोनों पूजाएं पितरों की शांति के लिए हैं — पंडित जी आपकी कुंडली देखकर सही पूजा की सलाह देंगे।
पितृ दोष शांति पूजा के बारे में पढ़ें →त्र्यंबकेश्वर ही क्यों? (Why only Trimbakeshwar?)
शास्त्र प्रमाण
गरुड़ पुराण में स्पष्ट है कि नारायण नागबलि अनुष्ठान केवल त्र्यंबकेश्वर में ही संभव है।
गोदावरी का उद्गम
गोदावरी नदी यहीं से निकलती है। कुशावर्त कुंड का जल अत्यंत पवित्र माना जाता है।
12 ज्योतिर्लिंग
12 ज्योतिर्लिंगों में से एक — यहाँ की गई पूजा का फल अनंत गुना होता है।
ताम्रपत्रधारी पंडित
यहाँ के पंडित ताम्रपत्र प्रमाणित हैं — केवल ये ही यह विधि सम्पन्न करने के अधिकारी हैं।